यादें पन्नो से













न जाने लोग यादों को कहा कहा सजाते है ,
कोई इसे तस्वीरों में कैद कर जाते है ,
तो कोई इसे सावन भादो के ऋतुओं से बाँध जाते है ,
यादें तो हम भी सजाते है अपनों का ,
कोरे पन्नो पे चुपचाप लिखते चले जाते है ….!!


                                 — Pranjal Kumar


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