मेरा सपना

Hindi Poems











आँखों में सपने लिये,
बस इतना कर पाऊं,
कुछ बन कर,
माँ-बाप का नाम रौशन कर जाऊं !
देश की मिट्टी का क़र्ज़ चुकाकर,
भारत रत्न बन जाऊं,
इतना पुण्य कर्म कर पाऊं,
की हर जन्म, यही देश और माँ-बाप पा जाऊं !
दिल में बस यही सपने लिए,
बस इतना कर पाऊं,
चादर ओढ़ तिरंगे की,
हर बार बिदाई चाहूँ !

         – Pranjal Kumar
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